पापा ये साला का मतलब क्या है
, Posted by Madhaw Tiwari at 9:17 AM
आजकल एक गाना चला है... PAPPU CANT DANCE SALA... ये शब्द मुझे चुभता है... हालांकि जब मैं छोटा था तो इस शब्द का अक्सर प्रयोग किया करता था... लेकिन इसके लिए मुझे अक्सर डांट पड़ती और कभी कभी तो मार भी पड़ती थी... इस तरह के कड़े संस्कार के बीच में मेरा तो इस शब्द से नाता छूट गया है... लेकिन आज के परिवेश में जब फिल्मों में ही ऐसे शब्द इस्तेमाल में लाए जाएंगे... और अक्सर लोगों के मुंह से गुनगुनाए जाएंगे तो कैसे अपेक्षा करेंगे कि बच्चे इससे दूर रहें...
जिस शब्द पर हमें बचपन में मार पड़ती थी... आज वही सारे शब्द हमारी मौजूदा संस्कृति में आसानी से स्वीकार किए जा रहे हैं... तमाम फ़िल्में हैं... और उनके साथ पत्र-पत्रिकाएं भी हैं... जो ऐसे शब्दों को अपनी रचनाओं में जगह देती हैं... ये सभी चीज़ें सीधे हमारे समाज से जुड़ी हैं... छोटे से लेकर बड़े उम्र के लोगों तक इसकी पहुंच है...
हम छोटे थे तो दादी मां कहानियां सुनाया करती थीं... उन कहानियों में अंत में कोई न कोई संदेश हुआ करता था... रेडियो पर जो भी प्रोग्रैम आते थे... वे भी शिक्षाप्रद ही हुआ करती थीं... गाने शालीन और कर्णप्रिय होते थे... भाषाई अखबारों में सम्बंधित भाषा का अच्छे से अच्छे तरीक़े से प्रयोग किया जाता था... फ़िल्में किसी न किसी सामाजिक दृष्टिकोण को लेकर बनती थीं...
और अब आज के समाज में ये सारी चीज़ें मनोरंजन का साधन हैं... अब भले से उसमे सामाजिक मूल्य दम क्यों न तोड़ रहे हों... आज अगर आपका बच्चा ये पूछे कि पापा ये साला का मतलब क्या है... तो आपके पास क्या जवाब होगा... कैसे आप उसे संतुष्ट करेंगे कि इस शब्द का प्रयोग उसे नहीं करना चाहिए...
ज़ाहिर है समाज को ही इन सब के ख़िलाफ़ खड़े होना चाहिए... सिर्फ धार्मिक मूल्यों पर हल्ला करने से क्या होगा... अगर सामाजिक मूल्यों की कोई क़ीमत ही ना रहे... हर नई रचना के साथ रचनाकार ऐसे शब्दों के तलवार चलाकर संस्कारों की शैया बनाते रहें... समाज को अब ऐसी रचनाओं पर हल्ला बोलने की ज़रूरत है.. ताकि हमारी संस्कृति सुरक्षित रहे..


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