वो बैतुल्ला मसूद है
वो काल है... वो मौत है... वो यमराज है... वो ऐसा सांप है... जो अपने घर को भी नहीं बख़्शता... वो पाकिस्तान को खा रहा है... उसका ज़हर अमेरिका में फैल चुका है... वो जब ज़हर उगलता है... तो कई लोग मौत की नींद सो जाते हैं... वो आतंक का दूसरा नाम है... वो तालिबान का मुखिया है... वो अमेरिका के लिए मोस्ट वांटेड है... उसकी क़ीमत 50 लाख डॉलर है... वो है... बैतूल्ला मसूद... वही बैतूल्ला मसूद जिसने वो फ़ौज तैयार की है... जो अमेरिका के लिए सबसे बड़ी चुनौती है... वही बैतूल्ला मसूद जिस एक शख़्स के लिए अमेरिका को ड्रोन को लगाना पड़ा... ड्रोन की आंखें भी अभी तक बैतुल्ला मसूद तक नहीं पहुंच सकी हैं... अगर वो ड्रोन की नज़र में आया तो ड्रोन उसके चीथड़े उड़ा देगा... इसीलिए बैतुल्ला तालिबान के किसी बिल में छुपा है... लेकिन बिल में छुपे होने के बावजूद बैतुल्ला आतंक का बारुद बिछा रहा है... जिसे महज़ एक चिंगारी देनी होती है... और हो जाता है एक और धमाका... पाकिस्तान में बैतुल्ला ऐसा ही कुछ कर रहा है... वो ऐसा क्यों कर रहा है... उसका मकसद क्या है...
पाक-अफगान सीमा पर अमेरिका ड्रोन से लगातार हमले कर रहा है... तालिबान के कई लड़ाके ड्रोन की मिसाइलों के शिकार हो चुके हैं... और इसी बैतुल्ला बौखला गया है... वो पाकिस्तान में डर पैदा करना चाहता है... वो अमेरिका को बता देना चाहता है... कि उसकी ताक़त कहा तक है... वो ओबामा को चुनौती दे रहा है कि अगर बैतुल्ला को रोक सकते हो तो रोक लो... बैतुल्ला बाहर नहीं आएगा... लेकिन बैतुल्ला का आक्रमण जारी रहेगा... लाहौर में पुलिस एकेडमी पर हमला करने के बाद बैतुल्ला ने अमेरिका के ख़िलाफ़ खुली लड़ाई का ऐलान किया है.. अमेरिका को शक है कि बैतुल्ला अमेरिका में भी हमले करवा सकता है... आज की तारीख में अमेरिका के लिए ओसामा बिन लादेन से ज़्यादा ख़तरनाक बैतुल्ला मसूद है... वही बैतुल्ला मसूद जिसके इशारे पर पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई काम करती है...
बैतुल्ला से अमेरिका को इतना ख़ौफ़ है कि जब उसे कहीं से भी कोई छोटी ख़बर भी बैतुल्ला के बारे में मिलती है... वो अपने पायलट रहित लड़ाकू विमान ड्रोन को काम पर लगा देता है... ड्रोन ने पिछले दिनों कई बार बैतुल्ला के ठिकानों पर हमला किया... लेकिन बैतुल्ला बच गया.. ज़ाहिर है बैतुल्ला का खुफिया तंत्र अमेरिका के सीआईए से भी आगे है... सीआईए जिस बारे में सोचता है उसकी भनक बैतुल्ला को लग जाती है... अमेरिका अलकायदा और तालिबान को नेस्तोनाबूत करना चाहता है.... वो जानता है कि ज़मीनी लड़ाई में तालिबान को हराना नामुमकिन है... इसीलिए ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है... इसके बावजूद अफगान सीमा से पाकिस्तान के कुर्रम से लेकर उत्तरी वज़ीरीस्तान तक बैतुल्ला का ही राज चलता है... ये वो इलाका है जहां पाकिस्तान सरकार के कारिंदे तक घुसने से ख़ौफ़ खाते हैं... लेकिन अब बैतुल्ला का दायरा बढ़ रहा है... वो लाहौर तक पहुंच चुका है... और अंदेशा है कि वो अमेरिका में भी हमला कर सकता है... तालिबानी इलाके में बैतुल्ला अक्सर विदेशी आतंकियों के साथ बैठक करता है.. जिसमें अमेरिका पर हमले की रणनीति तैयार की जाती है... सीआईए को इसकी जानकारी है.. लेकिन तालिबान के बिलों से बैतुल्ला को निकाला उसके लिए भी मुमकिन नहीं हो रहा.. अमेरिका... अलकायदा और तालिबान की जड़े उखाड़ना चाहता है... लेकिन वो जड़ें कहां है अमेरिका इसका पता नहीं लगा पा रहा...
एक वक़्त था जब बैतुल्ला मसूद अपने ही इलाके में कबिलाई दुश्मनों से लड़ रहा था... लेकिन अब हालात कुछ और हैं... बैतुल्ला को उत्तरी वज़ीरीस्तान और दक्षिणी वज़ीरीस्तान के कमांडरों का साथ हासिल हो चुका है.... जो पाकिस्तान सरकार से बदला लेना चाहते हैं... उसी का नतीजा था लाहौर में पुलिस ट्रेनिंग कैंप पर हमला... दरअसल इन कबिलाई कमांडरों को लगता है कि पाकिस्तान ने ही उनके बीच में फूट डाली थी... और इसी का बदला बैतुल्ला की अगुवाई में ये कमांडर ले रहे हैं... साज़िश यही है कि लाहौर यानि पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी को निशाना बनाकर पाकिस्तान के साथ ही अमेरिका को भी चेताया जा सके... कि तालिबानियों को कमज़ोर न समझा जाए... ड्रोन का हमला तालिबानियों को नहीं रोक सकता...


अरे यार इसी सब के कारण समाचार चैनल देखना छोड़ दिया. अब कम से कम यहाँ तो मत पकाओ....